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Mast shayari

Mast Shayari | Kabhi Kisi Shayar se

Mast Shayari In Hindi # रात गहरी थी डर भी सकते थे, हम जो कहते थे कर भी सकते थे, तुने साथ तो छोडा़ मगर ये भी ना सोचा, हम तो

17 Aug